सेक्टरलेस विम्सहर्स्ट मशीन: कार्य सिद्धांत, विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया और इसका उपयोग। आसानी से समझें इसका विज्ञान और उपयोगिता।
सेक्टरलेस विम्सहर्स्ट मशीन | कार्य सिद्धांत
विम्सहर्स्ट मशीन, जिसे सेक्टरलेस विम्सहर्स्ट मशीन के नाम से भी जाना जाता है, एक एलेक्ट्रोस्टैटिक जनरेटर है जिसका उपयोग हाई वोल्टेज उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। यह उपकरण सन् 1880 के दशक में जेम्स विम्सहर्स्ट द्वारा आविष्कृत हुआ था। इस मशीन का कार्य सिद्धांत दो काउंटर-रोटेटिंग डिस्कों और इंडक्शन प्रिंसिपल पर आधारित है।
मुख्य घटक
- डिस्क: ये आम तौर पर प्लास्टिक या कांच के बने होते हैं और एक धुरी पर लगे होते हैं जो विपरीत दिशाओं में घूमते हैं।
- मेटल स्ट्रिप्स: ये छोटे मेटल स्ट्रिप्स होते हैं जो डिस्क की सतह पर लगे होते हैं, लेकिन सेक्टरलेस वर्शन में ये अनुपस्थित होते हैं।
- ब्रश और कॉम्ब्स: ये डिवाइस में चार स्थानों पर लगे होते हैं, जो चार्ज ट्रांसफर करने और क्लेक्ट करने में मदद करते हैं।
- स्पार्क गैप: यह दो इलेक्ट्रोड के बीच की जगह होती है, जहां हाई वोल्टेज स्पार्क जनरेट होता है।
कार्य सिद्धांत
सेक्टरलेस विम्सहर्स्ट मशीन का कार्य सिद्धांत इंडक्टिव चार्जिंग (inductive charging) पर आधारित है।
- डिस्क्स का घूर्णन: जब दोनों डिस्क उल्टी दिशाओं में घूमती हैं, तो वे शुष्म (microscopic) चार्ज उत्पन्न करते हैं।
- पहली इंडक्शन: जब एक डिस्क पर ब्रश या कॉम्ब्स इनिशियल चार्ज को कैप्चर करती है, तो वो चार्ज दूसरे डिस्क पर इंडक्ट होता है।
- चार्ज का समेकन (Neutralization and Redistribution): चार्ज को मेटल स्ट्रिप्स/कॉम्ब्स द्वारा समेकित और पुनः वितरित किया जाता है।
- हाई वोल्टेज का निर्माण: यह प्रक्रिया डिस्क के घूर्णन के साथ-साथ चलती रहती है और अंततः हाई वोल्टेज स्पार्क जनरेट होता है।
मूल समीकरण
वोल्टेज V जो विम्सहर्स्ट मशीन के स्पार्क गैप पर उत्पन्न होता है, वह कैपेसिटर और चार्ज के आधार पर अनुमानित किया जा सकता है, जहां V = Q/C होता है। यहां:
- Q = चार्ज
- C = कैपेसिटेंस
सेक्टरलेस विम्सहर्स्ट मशीन के बिना किसी सेक्टर के कार्य करने की योग्यता इसे और भी आकर्षक और सरल बनाती है। यह अद्वितीय डिजाइन इसे आधुनिक शिक्षा और प्रयोगात्मक उद्देश्यों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाता है।
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