6 सबसे सामान्य विद्युतचुंबकीय तरंग संकेत मॉडुलेशन तकनीकें

विद्युतचुंबकीय तरंग संकेत मॉडुलेशन की 6 सबसे सामान्य तकनीकें और उनके उपयोग, संचार प्रणालियों में उनकी कार्यप्रणाली समझें।

6 सबसे सामान्य विद्युतचुंबकीय तरंग संकेत मॉडुलेशन तकनीकें

विद्युतचुंबकीय तरंगों के माध्यम से जानकारी प्रसारित करने के लिए मॉडुलेशन तकनीकों का उपयोग किया जाता है। मॉडुलेशन का मतलब है कि हम किसी जानकारी (जैसे ऑडियो या वीडियो सिग्नल) को एक उच्च आवृत्ति वाली कैरियर वेव पर सवार करते हैं। यहाँ हम 6 सबसे सामान्य मॉडुलेशन तकनीकों के बारे में बात करेंगे:

  • आम्पलिट्यूड मॉडुलेशन (AM)

इस तकनीक में, कैरियर वेव की आम्पलिट्यूड को बदल कर जानकारी प्रसारित की जाती है। AM का उपयोग आमतौर पर रेडियो प्रसारण में किया जाता है। AM सिग्नल को गणितीय रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:

v(t) = [A + m(t)] * cos(ωct)

जहाँ पर A कैरियर वेव की आम्पलिट्यूड है, m(t) सूचना सिग्नल है और ωc कैरियर वेव की कोणीय आवृत्ति है।

  • फ्रीक्वेंसी मॉडुलेशन (FM)

FM में, कैरियर वेव की आवृत्ति को बदलकर जानकारी प्रसारित की जाती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से रेडियो और टेलीविजन प्रसारण में किया जाता है। FM सिग्नल को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:

v(t) = A * cos[ωct + kf * \int m(t) dt]

जहाँ पर kf फ्रीक्वेंसी डेविएशन का विरूपण है।

  • फेज मॉडुलेशन (PM)

PM के तहत, कैरियर वेव के फेज को बदलकर जानकारी को प्रसारित किया जाता है। यह तकनीक डिज़िटल और एनालॉग सिग्नल दोनों के लिए उपयोगी है। PM सिग्नल को निम्नलिखित रूप में व्यक्त किया जा सकता है:

v(t) = A * cos[ωct + kp * m(t)]

जहाँ पर kp फेज डेविएशन का विरूपण है।

  • क्वाड्रैचर एम्पलिट्यूड मॉडुलेशन (QAM)

QAM एक मिश्रित तकनीक है जो AM और PM का साथ उपयोग करती है। इसमें दो कैरियर वेव्स को 90 डिग्री के फेज अंतर पर रखा जाता है, जिन्हे I और Q तरीकों के रूप में जाना जाता है। QAM सिग्नल:

v(t) = I(t) * cos(ωct) + Q(t) * sin(ωct)

  • पल्स कोड मॉडुलेशन (PCM)

PCM के माध्यम से, एनालॉग सिग्नल को डिजिटल कोड में बदल दिया जाता है। PCM में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

  1. सैंपलिंग
  2. क्वांटाइजेशन
  3. एन्कोडिंग

PCM का उपयोग मुख्यतः डिजिटल ऑडियो में किया जाता है।

  • डिजिटल मॉडुलेशन तकनीकें (PSK, FSK, ASK)

डिजिटल मॉडुलेशन तकनीकों में विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जाता है:

  • फेज शिफ्ट कीइंग (PSK): इसमें कैरियर वेव के फेज को बदलकर डिजिटल जानकारी को प्रसारित किया जाता है।
  • फ्रीक्वेंसी शिफ्ट कीइंग (FSK): इसमें कैरियर वेव की आवृत्ति को बदलकर डिजिटल जानकारी प्रसारित की जाती है।
  • आम्पलिट्यूड शिफ्ट कीइंग (ASK): इसमें कैरियर वेव की आम्पलिट्यूड को बदलकर डिजिटल जानकारी प्रसारित की जाती है।

ये थीं 6 सबसे सामान्य विद्युतचुंबकीय तरंग संकेत मॉडुलेशन तकनीकें जिनका उपयोग विभिन्न प्रकार की जानकारी प्रसारित करने में किया जाता है। ये तकनीकें हमारे दैनिक जीवन में कई प्रकार के संचार और सूचना प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Summary

6 सबसे सामान्य विद्युतचुंबकीय तरंग संकेत मॉडुलेशन तकनीकें

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