हीलियम-नियॉन लेजर: कार्य करने का सिद्धांत और इसके उपयोग। जानें कैसे यह लेजर प्रणाली इन्फ्रारेड और दृश्य प्रकाश उत्पन्न करती है।
हीलियम-नियॉन लेजर
हीलियम-नियॉन (He-Ne) लेजर एक प्रकार का गैस लेजर है जो सबसे सामान्य और प्रचलित लेजरों में से एक है। यह लेजर विभिन्न वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है, जैसे कि मापने के उपकरण, बारकोड स्कैनर और शैक्षिक उद्देश्य। हीलियम-नियॉन लेजर का मुख्य लाभ यह है कि इसे निर्माण करना और उपयोग करना सरल है और यह सटीकता एवं स्थिरता प्रदान करता है।
कार्य करने का सिद्धांत
हीलियम-नियॉन लेजर का कार्य करने का सिद्धांत “उत्तीजन उत्सर्जन” (Stimulated Emission) पर आधारित है। इसके लिए मुख्यतः निम्नलिखित चरण होते हैं:
1. उत्तेजना (Excitation)
हीलियम-नियॉन लेजर में एक मिश्रण होता है हीलियम और नियॉन गैस का, जिसमें हीलियम की मात्रा अधिक और नियॉन की मात्रा कम होती है। जब इस गैस मिश्रण को उच्च वोल्टेज पर उत्तेजित किया जाता है, तब हीलियम के परमाणु उच्च ऊर्जा स्तर (excited state) में पहुँच जाते हैं।
2. ऊर्जा स्थानांतरण (Energy Transfer)
हीलियम परमाणु अपनी ऊर्जा नियॉन परमाणु को स्थानांतरित करते हैं। इससे नियॉन परमाणु भी उच्च ऊर्जा स्तर में आ जाते हैं। यह स्थानांतरण निम्नलिखित तुंगता स्तरों के बीच होता है:
- He: 2s\(^1\) → He: 2p\(^1\)
- Ne: 2p\(^5\)3s\(^1\) → Ne: 2p\(^5\)3p\(^1\)
3. लेजर क्रिया (Laser Action)
जब नियॉन परमाणु उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर पर लौटते हैं, तब वे प्रकाश का उत्सर्जन करते हैं। यह उत्सर्जित प्रकाश शीशों (mirrors) के बीच से होकर गुजरता है, जिससे गणना की गई वेवलेंथ (wavelength) की परावृत्तियां (reflections) होती हैं। परिणामस्वरूप, लेजर क्रिया होती है और प्रक्रिया के अंत में एक सुसंगत लेजर बीम उत्सर्जित होती है। हीलियम-नियॉन लेजर सामान्यतः 632.8 nm (नैनोमीटर) की वेवलेंथ पर लाल रंग का प्रकाश उत्पन्न करता है।
निष्कर्ष
हीलियम-नियॉन लेजर अपने सरल निर्माण, उच्च स्थिरता और सटीकता के कारण विभिन्न वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुप्रयोगों में व्यापक रूप से उपयोग होता है। उत्तीजन उत्सर्जन और ऊर्जा स्थानांतरण के सिद्धांतों को समझकर हम यह जान सकते हैं कि इस प्रकार के लेजर कैसे कार्य करते हैं। इस बुनियादी ज्ञान से पाठक आसानी से समझ सकते हैं कि हीलियम-नियॉन लेजर के कार्य क्या हैं और वे कैसे उपयोगी हैं।
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