शंट वोल्टेज रेगुलेटर | कार्य सिद्धांत: जानें कैसे यह विद्युत परिपथ में स्थिर वोल्टेज बनाए रखने में मदद करता है और इसे कैसे सर्किट में उपयोग करते हैं।
शंट वोल्टेज रेगुलेटर | कार्य सिद्धांत
शंट वोल्टेज रेगुलेटर एक प्रकार का वोल्टेज रेगुलेटर है जो आउटपुट वोल्टेज को स्थिर रखने के लिए एक शंट रेजिस्टर का उपयोग करता है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब हमें एक नियत वोल्टेज की आवश्यकता होती है। आइए इसके कार्य सिद्धांत को समझते हैं।
शंट वोल्टेज रेगुलेटर का परिचय
शंट वोल्टेज रेगुलेटर बहुत सरल और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला उपकरण है। इसका मुख्य उद्देश्य इनपुट वोल्टेज के विभिन्नताओं के बावजूद आउटपुट वोल्टेज को स्थिर रखना है। यह आम तौर पर एक जेनर डायोड या वोल्टेज रेगुलेटर आईसी की सहायता से संचालित होता है।
कार्य सिद्धांत
शंट वोल्टेज रेगुलेटर का कार्य सिद्धांत मुख्यतः जेनर डायोड के वोल्टेज रेगुलेशन गुण पर आधारित होता है। जेनर डायोड एक विशेष प्रकार का डायोड होता है जो अपने ब्रेकडाउन वोल्टेज पर काम करता है और इस वोल्टेज पर यह एक नियत वोल्टेज प्रदान करता है। शंट रेगुलेटर सर्किट निम्न तत्वों का उपयोग करता है:
सर्किट कनेक्शन
नीचे एक साधारण शंट वोल्टेज रेगुलेटर सर्किट का विवरण दिया गया है:
सर्किट का काम करने का तरीका
शंट वोल्टेज रेगुलेटर सर्किट में, $V_{in}$ का एक हिस्सा $R_s$ के माध्यम से बहता है और शेष भाग जेनर डायोड के माध्यम से। जब इनपुट वोल्टेज $V_{in}$ जेनर डायोड के ब्रेकडाउन वोल्टेज $V_z$ तक पहुंच जाती है, तो जेनर डायोड संचालित हो जाता है और $V_{out}$ को स्थिर कर देता है।
सर्किट में बहने वाला कुल करंट ($I_{total}$) इस प्रकार होता है:
$I_{total} = I_z + I_L$
जहाँ:
रेजिस्टर $R_s$ द्वारा $V_{in}$ को नियंत्रित किया जाता है। यदि $V_{in}$ जेनर डायोड वोल्टेज $V_z$ से अधिक होती है, तो अतिरिक्त वोल्टेज $R_s$ पर गिरता है और करंट $R_s$ और जेनर डायोड से होकर बहता है।
समीकरण
इस सर्किट का काम करने के लिए निम्न समीकरण उपयोग किया जाता है:
$V_{out} = V_{z}$
यह समीकरण दिखाता है कि आउटपुट वोल्टेज जेनर डायोड वोल्टेज के बराबर रहेगा, जो इसे एक बहुत ही सटीक वोल्टेज रेगुलेशन उपकरण बनाता है।
शंट वोल्टेज रेगुलेटर का उपयोग आमतौर पर कम पावर अनुप्रयोगों में किया जाता है जहाँ हमें एक स्थिर वोल्टेज की आवश्यकता होती है। इसकी सरलता और प्रभावशीलता इसे विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं में व्यापक रूप से उपयोगी बनाती है।
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