वोल्टेज डिवाइडर क्या होता है? यह एक सरल सर्किट होता है जो दो या अधिक रेज़िस्टर्स के माध्यम से वोल्टेज को विभाजित करता है, जिससे हमें इच्छित वोल्टेज मिलता है।
वोल्टेज डिवाइडर क्या होता है?
वोल्टेज डिवाइडर एक सरल और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है, जो दो या अधिक प्रतिरोधों का उपयोग करके अनुप्रयुक्त वोल्टेज को विभाजित करता है। इसका उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जैसे कि सेन्सर्स से सिग्नल प्राप्त करना और एनालॉग से डिजिटल कन्वर्जन में वोल्टेज लेवल निर्णय करना।
वोल्टेज डिवाइडर का सिद्धांत
वोल्टेज डिवाइडर का काम करने का सिद्धांत ओहम के नियम पर आधारित है, जो बताता है कि एक प्रतिरोध से होकर बहने वाली धारा सीधे उस पर पड़ने वाले वोल्टेज और प्रतिरोध की मात्रा के समानुपाती होती है:
V = I * R
जहां:
- V = वोल्टेज
- I = धारा
- R = प्रतिरोध
कैसे बनता है वोल्टेज डिवाइडर?
वोल्टेज डिवाइडर सर्किट बनाने के लिए, आपको कम से कम दो प्रतिरोधों की आवश्यकता होती है:
- प्रतिरोध R1
- प्रतिरोध R2
यह प्रतिरोध श्रृंखला में जुड़े होते हैं और उन्हें एक वोल्टेज स्रोत Vin से जोड़ा जाता है:
— Vin—R1—R2—
इस सर्किट के बीच के नोड पर वोल्टेज को Vout कहते हैं और इसे हम निम्नलिखित सूत्र से निकाल सकते हैं:
Vout = Vin * \(\frac{R2}{R1 + R2}\)
उदाहरण
मान लीजिए कि हमारे पास 10V का एक वोल्टेज स्रोत है और हम इसे दो प्रतिरोधों R1 = 2kΩ और R2 = 3kΩ के बीच विभाजित करना चाहते हैं।
तो Vout की गणना इस प्रकार होगी:
Vout = 10V * \(\frac{3kΩ}{2kΩ + 3kΩ}\)
Vout = 10V * \(\frac{3}{5}\)
Vout = 6V
इस प्रकार, आउटपुट वोल्टेज 6V होगा।
वोल्टेज डिवाइडर के अनुप्रयोग
- सेन्सिंग वोल्टेज लेवल
- पॉवर सप्लाई में वोल्टेज रेगुलेशन
- ऑडियो विभाजन और इम्पेडेंस मैचिंग
- एडजस्टेबल वोल्टेज रिफरेंस
इस प्रकार, वोल्टेज डिवाइडर एक उपयोगी और सामान्य उत्प्रयोग है जो विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट और सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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