विम्शुर्स्ट मशीन | संचालन के सिद्धांत: इस लेख में जाणे विम्शुर्स्ट मशीन के सिद्धांत, कार्यप्रणाली और विद्युत् आवेश उत्पन्न करने में इसकी भूमिका।
विम्शुर्स्ट मशीन | संचालन के सिद्धांत
विम्शुर्स्ट मशीन, जिसे विम्शुर्स्ट इलेक्ट्रोस्टैटिक जनरेटर भी कहा जाता है, एक इलेक्ट्रोस्टैटिक मशीन है जिसका उपयोग उच्च वोल्टेज उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इसका आविष्कार 1883 में जर्मन वैज्ञानिक जेम्स विम्शुर्स्ट ने किया था। यह मशीन संधारणीय वोल्टेज उत्पन्न करने के सिद्धांतों पर आधारित है और इसे मुख्यतः विद्युत चुम्बकीय अन्वेषण में प्रयोग किया जाता है।
संचालन के सिद्धांत
विम्शुर्स्ट मशीन का संचालन निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित है:
आगमन (Induction)
विम्शुर्स्ट मशीन में दो अछिद्रित डिस्क होते हैं जो विपरीत दिशा में घूमते हैं। जब डिस्क घूमती हैं, तो इन पर लगे मेटल स्ट्रिप्स एक-दूसरे के समीप आते हैं और उनके बीच आवेश उत्पन्न होता है।
मूल आवेश (Initial Charge)
मशीन में प्रारंभ में एक छोटा सा आवेश किसी बाहरी स्रोत से जुड़ता है। जब डिस्क घुमाई जाती हैं, यह प्रारंभिक आवेश आगमन प्रक्रिया के माध्यम से बढ़ता है।
पुष्टिमूल्य (Equalization)
जैसे-जैसे डिस्क घूमती है, इनमें संचित आवेश का वितरण बहुत ही संतुलित होता है। यह प्रक्रिया डिस्क पर लगाए गए मेटल ब्रश और कम्बिंग सिस्टम द्वारा संचालित होती है, जिससे आवेश का वितरण एक समान होता है।
क्षमता (Capacitance)
मशीन के दोनों ओर के टर्मिनल्स में बड़ा संधारणीय वोल्टेज उत्पन्न होता है। इसे संधारित्र (capacitors) में संग्रहित किया जाता है, जो विम्शुर्स्ट मशीन की कार्यप्रणाली का प्रमुख हिस्सा है।
विम्शुर्स्ट मशीन के प्रमुख घटक
डिस्क (Discs)
विम्शुर्स्ट मशीन में दो मुख्य डिस्क होती हैं जो विपरीत दिशा में घूमती हैं। ये डिस्क मेटल स्ट्रिप्स से ढकी होती हैं जो आवेश उत्पन्न करने में मदद करते हैं।
मेटल स्ट्रिप्स (Metal Strips)
डिस्क पर मेटल स्ट्रिप्स लगाई जाती हैं। ये स्ट्रिप्स एक-दूसरे के नजदीक आती हैं और इनके मध्य आवेश का हस्तांतरण होता है।
ब्रश (Brushes)
मशीन में ब्रश का उपयोग डिस्क पर संचित आवेश को वितरित करने के लिए किया जाता है। ये ब्रश डिस्क के रोटेशन के दौरान आवेश का संचालन करते हैं।
संधारित्र (Capacitors)
संधारित्र विम्शुर्स्ट मशीन का आवश्यक भाग है। यह उत्पन्न संधारणीय वोल्टेज को संग्रहित करता है और आवश्यकता पड़ने पर इसे उपयोग में लाता है।
स्पार्क गैप (Spark Gap)
स्पार्क गैप एक छोटा सा स्थान होता है जहां वोल्टेज का उच्चतम बिंदु पहुंचने पर विद्युत स्पार्क उत्पन्न होता है। यह उच्च वोल्टेज के उत्पादन का दृश्य प्रमाण होता है।
विम्शुर्स्ट मशीन विद्युत स्थैतिक सिद्धांतों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे शिक्षा और अनुसंधान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह मशीन इलेक्ट्रोस्टैटिक फोर्सेस और कैपेसिटेंस के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
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