विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप (EMI) के विभिन्न प्रकार, उनके स्रोत, प्रभाव और इन्हें कम करने के उपायों के बारे में जानकारी। भाषाई रूप से सरल व्याख्या।
विभिन्न प्रकार के विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप (EMI) क्या हैं?
विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप (EMI) एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसका सामना इलेक्ट्रॉनिक्स और विद्युत प्रणालियों के डिज़ाइन और संचालन में होता है। EMI तब होता है जब एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक अवांछित विद्युत या चुंबकीय संकेत पैदा करता है, जो अन्य उपकरणों के परिवेशीय संचालन में बाधा डालता है। आइए विभिन्न प्रकार के EMI को विस्तार से समझें।
1. प्रेरण द्वारा हस्तक्षेप
इस तरह का हस्तक्षेप तब होता है जब एक चालू तार दूसरे तार या सर्किट के निकट या उस पार होकर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, जिससे अवांछित विद्युत प्रवाह उत्पन्न होता है।
2. विद्युतचुंबकीय उत्सर्जन
यह हस्तक्षेप तब होता है जब एक उपकरण से उत्सर्जित विद्युतचुंबकीय तरंगें दूसरे उपकरण के ऑपरेशन में हस्तक्षेप करती हैं। उदाहरण के लिए, मोबाइल फोन का उपयोग करते समय टीवी या रेडियो सिग्नल में गड़बड़ हो सकती है।
3. रेडियो फ्रिक्वेंसी इंटरफेरेंस (RFI)
RFI एक प्रकार का EMI है, जो रेडियो तरंगों की पृथ्वी पर संचरण और स्वागत में बाधा डालता है। यह सामान्यतः सेल फोन, वाई-फाई, और अन्य वायरलेस संचार उपकरणों के साथ जुड़ा होता है।
4. संघनन एलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज (ESD)
यह हस्तक्षेप तब उत्पन्न होता है जब दो भिन्न-भिन्न चार्ज वाली सतहें आपस में संपर्क में आती हैं और बिजली स्फुलिंग (स्पार्क) उत्पन्न करती हैं। यह विशेष रूप से कंप्यूटर चिप्स और सर्किट बोर्ड्स में देखा जाता है, जो स्थैतिक बिजली के प्रति संवेदनशील होते हैं।
5. क्रॉस टॉक
क्रॉस टॉक तब होता है जब एक सिग्नल दूसरे सिग्नल रेखा में सम्मिलित हो जाता है। यह आमतौर पर संचार प्रणालियों और नेटवर्क केबलों में देखा जाता है, जहां पास के तारों के बीच अवांछित सिग्नल का अतिक्रमण हो जाता है।
6. कम आवृत्ति हस्तक्षेप
यह हस्तक्षेप आमतौर पर विद्युत पावर लाइनों द्वारा उत्पन्न होता है और किसी भी संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को प्रभावित कर सकता है। 50 Hz या 60 Hz के पावर लाइनों से उत्पन्न विद्युत संकेतों का उदाहरण लिया जा सकता है।
- विद्युत चुंबकीय हस्तक्षेप के स्रोतों की पहचान करना और उसे दूर करने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है।
- सर्किट डिजाइन में उपयुक्त शील्डिंग और ग्राउंडिंग अपनाना
- कम आवृत्ति वाले सिग्नल और उच्च आवृत्ति वाले सिग्नल के समुचित फिल्टर्स का उपयोग करना जरूरी होता है।
इन विभिन्न प्रकार के विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप की सही समझ और उपायों के साथ, हम इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की कार्यक्षमता और दक्षता को बनाए रख सकते हैं। EMI के प्रभाव को कम करने के लिए उचित डिजाइन और सुरक्षात्मक उपायों का पालन करना आवश्यक है।
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