रूबी लेजर: एक प्रकार के ठोस-अवस्था लेजर का अध्ययन, इसके कार्य सिद्धांत, विशेषताएँ और चिकित्सा, औद्योगिक तथा वैज्ञानिक क्षेत्रों में उपयोग।
रूबी लेजर
रूबी लेजर इलेक्ट्रोमैग्नेटिजम का एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसका उपयोग विज्ञान और उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। रूबी लेजर का आविष्कार 1960 में थियोडोर मैमन ने किया था। यह पहला ऑपरेटिंग लेजर था और इसे ठोस-राज्य लेजर (solid-state laser) की श्रेणी में रखा जाता है।
रचना और कार्यकरण
रूबी लेजर एक सिलेंडर के आकार की क्रोमियम-डोप्ड रूबी (क्रिस्टलाइन एल्यूमिनियम ऑक्साइड) की छड़ी से बना होता है। इस लेजर का कामकाज निम्नलिखित भागों पर निर्भर करता है:
जब पंपिंग सोर्स से प्रकाश रूबी क्रिस्टल पर पड़ता है, तो क्रोमियम आयन उच्च ऊर्जा अवस्था में चले जाते हैं। वे अपनी ऊर्जा को छोड़ते हुए और दृश्यमान प्रकाश के रूप में लौटते हैं, जो कि लाल रंग की होती है और लेजर बीम के रूप में निकलती है।
उपयोग
रूबी लेजर के कई उपयोग हैं, जो निम्नलिखित हैं:
रूबी लेजर न केवल वैज्ञानिक अनुसंधानों में बल्कि रोजमर्रा की तकनीकों में भी एक उपयोगी उपकरण साबित हुआ है। इसकी versatility और प्रभावकारिता के कारण, यह आधुनिक तकनीकी प्रगति का एक अहम हिस्सा है।
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