यागी-उडा एंटीना: एक दिशात्मक एंटीना, जिसमें कई डायरेक्टर तत्व होते हैं और यह टेलीविजन तथा रेडियो प्रसारण में उत्कृष्ट सिग्नल शक्ति प्रदान करता है।
यागी-उडा एंटीना | काम करने के सिद्धांत
यागी-उडा एंटीना, जिसे यागी एंटीना भी कहा जाता है, रेडियो तरंगों को प्रसारित करने और प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक उच्च-दिशात्मक एंटीना है। यह एंटीना विशेष रूप से इसके सरल डिज़ाइन और उच्च दिशा-विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है। इसका आविष्कार 1926 में जापानी वैज्ञानिक हिंडेत्सुगा यागी और शिन्तारो उडा द्वारा किया गया था, जिससे इसका नाम पड़ा।
यागी-उडा एंटीना के मुख्य भाग
काम करने का सिद्धांत
यागी-उडा एंटीना की दिशा-विशिष्टता और उच्च लाभता (गैन) इसे बहुत प्रभावी बनाती है। इसका काम करने का सिद्धांत डायरेक्टर और रिफ्लेक्टर तत्वों के सही संयोजन पर निर्भर करता है, जो तरंगों को केंद्रित या परावर्तित करते हैं:
- जब एक रेडियो तरंग ड्राइव तत्व पर गिरती है, तो एक विद्युतीय धारा उत्पन्न होती है जो उसी आवृत्ति के साथ मेल खाती है।
- ड्राइव तत्व के सामने का डायरेक्टर, रेडियो तरंगों को केंद्रित करता है, जिससे संकेत की दिशा विशिष्टता बढती है।
- ड्राइव तत्व के पीछे का रिफ्लेक्टर, संकेत की विपरीत दिशा से आने वाली अनचाही तरंगों को परावर्तित करता है, जिससे लाभता और दिशा-विशिष्टता ओर बढ़ती है।
- इस प्रकार यागी-उडा एंटीना, प्राप्त संकेत (या प्रसारित संकेत) को वांछित दिशा में केन्द्रित करके उसे बेहतर बनाता है।
लाभ और उपयोग
यागी-उडा एंटीना के कई लाभ हैं, जो इसे विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोगी बनाते हैं:
- उच्च दिशा-विशिष्टता (High Directionality)
- उच्च लाभता (High Gain) – \(\approx 7 dB\) से \(\approx 13 dB\)
- सरल संरचना और निर्माण
- न्यूनतम इंटरफेरेंस
यागी-उडा एंटीना का व्यापक रूप से टेलीविजन प्रसारण रिसेप्शन, रेडियो संचार, और यहां तक की वाई-फाई नेटवर्क में भी उपयोग किया जाता है।
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