मध्य-टैप्ड पूर्ण-वेव रेक्टिफायर: यह लेख इसके कार्य सिद्धांत और इलेक्ट्रिक सर्किट में इसके उपयोग को सरल भाषा में समझाता है।
मध्य-टैप्ड पूर्ण-वेव रेक्टिफायर | कार्य सिद्धांत
मध्य-टैप्ड पूर्ण-वेव रेक्टिफायर (Center-Tapped Full-Wave Rectifier) एक प्रकार का रेक्टिफायर है जो एसी (AC) विद्युत धारा को डीसी (DC) विद्युत धारा में परिवर्तित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह रेक्टिफायर दो डायोड का उपयोग करता है और इसके ट्रांसफार्मर में एक मध्य टैप किया गया सेकेंडरी वाइंडिंग होता है।
कार्य सिद्धांत
मध्य-टैप्ड पूर्ण-वेव रेक्टिफायर में निम्नलिखित प्रमुख घटक होते हैं:
- ट्रांसफार्मर
- दो डायोड
- लोड रेसिस्टेंस (RL)
इस रेक्टिफायर का कार्य सिद्धांत निम्नलिखित चरणों में विभाजित किया जा सकता है:
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एसी इनपुट साइकिल का सकारात्मक आधा चक्र:
जब एसी इनपुट का सकारात्मक आधा चक्र होता है, तो ट्रांसफार्मर के माध्यम से धारा प्रवाहित होती है। D1 डायोड फॉरवर्ड बायस्ड होता है और D2 रिवर्स बायस्ड होता है। इस स्थिति में, D1 धारा को प्रवाहित करता है और लोड रेसिस्टेंस (RL) के पार वोल्टेज उत्पन्न होता है।
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एसी इनपुट साइकिल का नकारात्मक आधा चक्र:
जब एसी इनपुट का नकारात्मक आधा चक्र होता है, तो ट्रांसफार्मर के विपरीत ध्रुवीयता के कारण, D2 डायोड फॉरवर्ड बायस्ड होता है और D1 रिवर्स बायस्ड होता है। इस स्थिति में, D2 धारा को प्रवाहित करता है और लोड रेसिस्टेंस (RL) के पार वोल्टेज उत्पन्न होता है।
इस तरह, दोनों ही इनपुट साइकिल (सकारात्मक और नकारात्मक) के दौरान धारा प्रवाहित होती है और हमें आउटपुट में डीसी वोल्टेज प्राप्त होता है।
लाभ
- उच्च आउटपुट वोल्टेज और करंट
- बेहतर दक्षता
- काफी सरल डिजाइन और कम घटक उपयोग
नुकसान
- ट्रांसफार्मर का मध्य टैप कठिनाईपूर्ण हो सकता है
- दो डायोड का उपयोग जिससे वोल्टेज ड्रॉप अधिक हो सकता है
मध्य-टैप्ड पूर्ण-वेव रेक्टिफायर का उपयोग सामान्यतः डीसी पावर सप्लाई सर्किटों में किया जाता है और इसका उपयोग माइक्रोइलेक्ट्रोनिक्स और पावर इलेक्ट्रोनिक्स में भी होता है।
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