पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर: यह उपकरण माध्यमिक सर्किट के लिए उच्च वोल्टेज को मापने और नियंत्रित करने के लिए होता है, जिससे सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित होते हैं।
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (Potential Transformer)
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर, जिसे हिंदी में वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर भी कहा जाता है, एक प्रकार का ट्रांसफॉर्मर है जिसका मुख्य कार्य उच्च वोल्टेज को कम करके निचले और अधिक प्रबंधनीय वोल्टेज में परिवर्तित करना होता है। इसका उपयोग आमतौर पर बिजली वितरण और विद्युत मापन में किया जाता है।
उपयोग
कार्य करने का सिद्धांत
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर आमतौर पर ट्रांसफॉर्मर के बेसिक सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसमें फेराडे का लॉ ऑफ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन शामिल है। यह मुख्य रूप से दो वाइंडिंग्स, प्राइमरी और सेकंडरी, से बना होता है:
इंडक्टिविटी और वाइंडिंग्स की संख्या ट्रांसफॉर्मेशन रेशियो को निर्धारित करती हैं। यदि प्राइमरी वाइंडिंग की संख्या \(N_p\) और सेकंडरी वाइंडिंग की संख्या \(N_s\) है, तो वोल्टेज ट्रांसफॉर्मेशन रेशियो को निम्न समीकरण से व्यक्त किया जा सकता है:
\( \frac{V_s}{V_p} = \frac{N_s}{N_p} \)
जहां \(V_p\) प्राइमरी वोल्टेज और \(V_s\) सेकंडरी वोल्टेज है।
पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर के प्रकार
इस प्रकार, पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर का हमारे विद्युत वितरण और मापन सिस्टम में एक महत्वपूर्ण स्थान है, जो वोल्टेज मापन को सरल और सुरक्षित बनाता है और विद्युत नेटवर्क को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद करता है।
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