नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर एक ऐसा उपकरण है जो नकारात्मक प्रतिरोध का उपयोग करके स्थिर आवृत्तियों पर विद्युत संकेत पैदा करता है।
नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर क्या है?
नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक परिपथ है, जो नकारात्मक प्रतिरोध का उपयोग करके ऑसिलेशन (दोहराव) उत्पन्न करता है। यह परिधि विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और संचार आवेदन में उपयोगी होती है, जैसे रेडियो फ्रीक्वेंसी जनरेटर, सिग्नल एम्पलीफायर और माइक्रोवेव जनरेटर।
नकारात्मक प्रतिरोध क्या है?
नकारात्मक प्रतिरोध एक ऐसी स्थिति है जिसमें किसी परिपथ का प्रतिरोध (Resistance) घटाने पर उसके द्वारा खींचे जाने वाली धारा (Current) बढ़ जाती है। सामान्यतः, यदि वोल्टेज (Voltage) बढ़ती है, तो धारा भी बढ़ती है। लेकिन नकारात्मक प्रतिरोध के मामले में, वोल्टेज बढ़ने पर धारा घटती है, और यह असामान्य व्यवहार ही ऑसिलेटर के रूप में कार्य करता है।
नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर का कार्य सिद्धांत
नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर का मुख्य सिद्धांत एक सक्रिय घटक का उपयोग करना है, जैसे ट्रांजिस्टर या डायोड, जो नकारात्मक प्रतिरोध दिखाते हैं।
उदाहरण
गुनन डायोड (Gunn Diode) और टनल डायोड (Tunnel Diode) दो आम नकारात्मक प्रतिरोध डिवाइस हैं, जिनका उपयोग विभिन्न प्रकार के ऑसिलेटर में किया जाता है।
गुनन डायोड
गुनन डायोड एक प्रकार का नकारात्मक प्रतिरोध डिवाइस है जो माइक्रोवेव क्षेत्रों में उच्च आवृत्ति उत्पन्न करने में सक्षम है। इसका उपयोग विशेष संकेत जनरेटर में होता है।
टनल डायोड
टनल डायोड भी एक नकारात्मक प्रतिरोध डिवाइस है, जिसका उपयोग यूएचएफ (UHF) और वीएचएफ (VHF) ऑसिलेटर में होता है।
गणनाएँ
ध्यान देने योग्य अवधारणा: \( R = \frac{V}{I} \) का सामान्य नियम नकारात्मक प्रतिरोध के मामले में उल्टा होता है। यहाँ, सामान्यतः \(I\) के बढ़ने पर \(V\) घटता है।
इस प्रकार, नकारात्मक प्रतिरोध ऑसिलेटर एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और संचार परिपथों में उपयोगी होता है। इसका नकारात्मक प्रतिरोध का सिद्धांत और कार्यक्षमता इसे अनूठा और विभिन्न आविष्कारों में आवश्यक बनाता है।
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