तीन प्रकार के सबसे सामान्य विद्युत संवेदकों का परिचय, उनके कार्यप्रणाली और उपयोग के बारे में जानकारी, जिनसे विद्युत क्षेत्र का मापा जाता है।
तीन प्रकार के सबसे सामान्य विद्युत संवेदक
विद्युत संवेदक (sensors) ऐसे उपकरण होते हैं जो विद्युत संकेतों के रूप में किसी भौतिक मात्रा को नापते हैं। ये संवेदक विभिन्न उद्योगों में उपयोग किए जाते हैं, जैसे स्वचालन (automation), चिकित्सा (medical), और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स (consumer electronics) में। इस लेख में, हम तीन सबसे सामान्य विद्युत संवेदकों के बारे में जानेंगे:
- प्रतिरोधकता तापमान संवेदक (Resistance Temperature Detector, RTD)
- प्रेरक भार कोशिका (Inductive Load Cell)
- धारिता स्थितिजन्य संवेदक (Capacitive Proximity Sensor)
प्रतिरोधकता तापमान संवेदक (Resistance Temperature Detector, RTD)
प्रतिरोधकता तापमान संवेदक, जिसे RTD भी कहते हैं, तापमान का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह संवेदक धातुओं में प्रतिरोध के परिवर्तन पर आधारित होता है जो तापमान के अनुसार बदलता है। RTD का रेजिस्टेंस (R) और तापमान (T) के बीच का संबंध साधारणतया निम्नलिखित समीकरण द्वारा व्यक्त किया जा सकता है:
RT = R0 * (1 + α*(T – T0))
जहाँ,
- RT = तापमान T पर प्रतिरोध
- R0 = संदर्भ तापमान पर प्रारंभिक प्रतिरोध
- α = तापमान गुणांक (Temperature Coefficient)
- T0 = संदर्भ तापमान
प्रेरक भार कोशिका (Inductive Load Cell)
प्रेरक भार कोशिका भार या बल को मापने के लिए उपयोग होती है और यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के सिद्धांत पर कार्य करती है। इसका संचालन निम्नलिखित तरीका है:
- आवृत्त प्रवाह जब किसी “फेरोमैग्नेटिक” सामग्री के समीप से गुजरता है, तो इस सामग्री में प्रेरक धाराएं उत्पन्न होती हैं।
- जब भार या बल लगाया जाता है, तो प्रेरक धाराओं में परिवर्तन होता है।
- यह परिवर्तन विद्युत संकेतों में परिवर्तित किया जाता है, जिससे भार या बल का मापन किया जाता है।
इन प्रकर के संवेदक उच्च तन्यता (high precision) और सटीक मापन के लिए जाने जाते हैं।
धारिता स्थितिजन्य संवेदक (Capacitive Proximity Sensor)
धारिता स्थितिजन्य संवेदक, जिसे कैपेसिटिव प्रोक्सिमिटी सेंसर भी कहा जाता है, वस्तुओं की निकटता को मापने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका संचालन निम्नलिखित प्रकार से होता है:
- ये सेंसर दो इलेक्ट्रोड्स से बने होते हैं, जो एक आंतरिक धारिता (capacitance) बनाते हैं।
- जब कोई वस्तु सेंसर के निकट आती है, तो सेंसर की कुल धारिता में परिवर्तन होता है।
- इस परिवर्तन को विद्युत संकेत में परिवर्तित करके वस्तु की निकटता का मापन किया जाता है।
ये संवेदक विभिन्न उद्योगों में संपर्क रहित मापन और स्वचालित प्रक्रियाओं के लिए उपयोग किए जाते हैं।
इन तीनों प्रकार के विद्युत संवेदक उनके अनुप्रयोगों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं और इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न माप और पहचान कार्यों के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
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