समानांतर परिपथ में रेजिस्टर जोड़ने से कुल प्रतिरोध कम होता है। जानिए कैसे समानांतर परिपथ में प्रतिरोधक जोड़ने पर सिस्टम का प्रतिरोध प्रभावित होता है।
कैसे समानांतर परिपथ में रेजिस्टर जोड़ने से कुल प्रतिरोध प्रभावित होता है?
इलेक्ट्रॉनिक्स में, समानांतर परिपथ (Parallel Circuit) एक ऐसा परिपथ है जिसमें विभिन्न रेजिस्टर (Resistors) एक ही वोल्टेज स्रोत के साथ समानांतर में जुड़े होते हैं। इस प्रकार के जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण लाभ होता है कि इससे कुल प्रतिरोध (Total Resistance) कम हो जाता है। आइए, इस पर गहराई से समझते हैं।
समानांतर परिपथ में कुल प्रतिरोध की गणना
जब रेजिस्टर समानांतर में जुड़े होते हैं, तो कुल प्रतिरोध (Rtotal) निम्नलिखित सूत्र द्वारा गणना किया जा सकता है:
\[\frac{1}{R_{total}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + … + \frac{1}{R_n}\]
यहाँ, R1, R2, R3, … , Rn वे रेजिस्टर हैं जो समानांतर परिपथ में जुड़े होते हैं। इस सूत्र में हम प्रत्येक रेजिस्टर के व्युत्क्रम (Reciprocal) को जोड़ते हैं और फिर उसका व्युत्क्रम लेकर कुल प्रतिरोध प्राप्त करते हैं।
उदाहरण
मान लीजिए कि हमारे पास तीन रेजिस्टर हैं जिनके प्रतिरोध क्रमशः 6 Ω, 3 Ω, और 2 Ω हैं। इन रेजिस्टर को समानांतर में जोड़ने पर कुल प्रतिरोध की गणना इस प्रकार होगी:
\[\frac{1}{R_{total}} = \frac{1}{6} + \frac{1}{3} + \frac{1}{2}\]
\[\frac{1}{R_{total}} = \frac{1}{6} + \frac{2}{6} + \frac{3}{6} = \frac{6}{6} = 1\]
तो,
Rtotal = 1 Ω
कुल प्रतिरोध में कमी का कारण
समानांतर परिपथ में कुल प्रतिरोध इस कारण कम होता है क्योंकि प्रत्येक रेजिस्टर के माध्यम से धारा के लिए एक अद्वितीय पथ मिल जाता है। इसका मतलब है कि वोल्टेज स्रोत के लिए धारा के प्रवाह के अधिक मार्ग होते हैं, जिससे खपत प्रतिरोध कम हो जाता है।
व्यावहारिक उदाहरण
- घरों में तारिकरण (Wiring): घरों में बिजली के उपकरण समानांतर परिपथ में जुड़े होते हैं ताकि प्रत्येक उपकरण को समान वोल्टेज मिले और एक उपकरण के फेल होने पर भी बाकी कार्यरत रहें।
- कार इलेक्ट्रिकल सिस्टम: कारों में विभिन्न उपकरण समानांतर परिपथ में जुड़े होते हैं ताकि बैटरी से समान वोल्टेज मिल सके।
इस प्रकार, समानांतर परिपथ में रेजिस्टर जोड़ने से कुल प्रतिरोध कम हो जाता है और यह विभिन्न विद्युत प्रणालियों में बहुत उपयोगी सिद्ध होता है।
Summary

