ऑप्टोआइसोलेटर: ये एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ऑप्टिकल विधि के माध्यम से विद्युत सर्किट को अलग करता है और विभिन्न अनुप्रयोगों में उपयोग होता है।
ऑप्टोआइसोलेटर: कार्य और अनुप्रयोग
ऑप्टोआइसोलेटर, जिसे ऑप्टोकपलर भी कहा जाता है, एक इलेक्ट्रॉनिक घटक है जो सिग्नल को एक सर्किट से दूसरे सर्किट में स्थानांतरित करता है, लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि दोनों सर्किट्स के बीच कोई सीधा विद्युत संपर्क न हो। यह मुख्यतः उच्च वोल्टेज और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस (EMI) से सेंसिटिव सर्किट को बचाने के लिए उपयोग किया जाता है।
कार्य
ऑप्टोआइसोलेटर का कार्य मुख्यतः एक सिग्नल को ऑप्टिकल (प्रकाश आधारित) माध्यम से प्रसारित करना होता है। इसका संचालन दो मुख्य घटकों पर आधारित होता है:
जब किसी सर्किट में एक विद्युत सिग्नल एलईडी को दिया जाता है, तो एलईडी प्रकाश उत्सर्जित करता है। इस प्रकाश को फोटोसेंसर प्राप्त करता है, जो इस प्रकाश सिग्नल को फिर से विद्युत सिग्नल में परिवर्तित करता है और इसे दूसरे सर्किट तक पहुंचाता है। इस प्रक्रिया में, दोनों सर्किट्स के बीच कोई सीधा विद्युत संपर्क नहीं होता है, जो उच्च वोल्टेज और अन्य अवांछित विद्युत प्रभावों से बचाव करता है।
अनुप्रयोग
ऑप्टोआइसोलेटर विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
यह सुनिश्चित करने के लिए कि सिग्नल की अखंडता बनी रहे और कोई बाहरी अवरोधक इंटरफेरेंस न हो, ऑप्टोआइसोलेटर अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उनके कार्य और अनुप्रयोगों का विस्तार कहीं भी हो सकता है, जहां विद्युत सर्किटों के बीच सुरक्षा और आइसोलेशन आवश्यक हो।
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