ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स: एक दिशा में लाइट सिग्नल भेजने वाले डिवाइस, टेलिकॉम, मेडिकल और रडार सिस्टम में इस्तेमाल के अनुप्रयोग और कार्य समझें।
ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स | कार्य और अनुप्रयोग
ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स एक महत्वपूर्ण उपकरण हैं जो ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क में प्रकाश के प्रवाह को एक निश्चित दिशा में नियंत्रित करते हैं। आसानी से कहें तो, ये उपकरण प्रकाश संकेतों को तीन या अधिक पोर्ट्स के बीच एक नियमित क्रम में सर्कुलेट करते हैं।
कार्य
ऑप्टिकल सर्कुलेटर मुख्यतः तीन पोर्ट्स वाले होते हैं, जिन्हें पोर्ट 1, पोर्ट 2, और पोर्ट 3 कहा जाता है। उनका कार्य इस प्रकार होता है:
- पोर्ट 1 से आने वाला प्रकाश पोर्ट 2 की ओर जा सकता है।
- पोर्ट 2 से आने वाला प्रकाश पोर्ट 3 की ओर जाता है।
- पोर्ट 3 से आने वाला प्रकाश पोर्ट 1 की ओर जाता है।
इस प्रकार, ऑप्टिकल सर्कुलेटर सिग्नल्स को स्क्रब करके उन्हें एक विशेष क्रम में ट्रांसफर करता है, जिससे नेटवर्क में किसी भी प्रकार की रूकावट को कम किया जा सके।
सिद्धांत
ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स विशेष पेशियल-फेरिट सामग्री और फाइबर ब्रैग ग्रेटिंग्स (FBGs) का उपयोग करते हैं। फेरिट सामग्री अनुप्रयोगों में आवश्यक यथार्थ फिटनेस और सर्कुलेशन प्राप्त करने के लिए आवश्यक होती है।
आवेदन
ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स के प्रमुख अनुप्रयोग निम्नानुसार हैं:
- DWDM नेटवर्क्स (Dense Wavelength Division Multiplexing): ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स DWDM उपकरणों में सिग्नल प्राप्त करने और संचारित करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
- ओटीडीआर (Optical Time Domain Reflectometry): ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स ओटीडीआर में प्रयुक्त होते हैं ताकि फाइबर के किसी खंड में होने वाले दोषों का परीक्षण किया जा सके।
- लेजर उपलब्धता: सर्कुलेटर्स का प्रयोग उच्च शक्ति लेजर में किया जाता है ताकि लेजर संकेतों को सही दिशा में चलाया जा सके।
- रिमोट सेंसिंग: ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन्स में भी महत्वपूर्ण होते हैं, जहां डेटा प्रोसेसिंग और एनालिसिस के बाद दूरस्थ स्थानों से जानकारी प्राप्त की जाती है।
ऑप्टिकल सर्कुलेटर्स अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे व्यावसायिक नेटवर्क में गति, दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाते हैं। वे परिस्थितियों में विद्युत सिग्नल्स को बढ़ाने और विविधता उत्पन्न करने के लिए उत्तम समाधान प्रदान करते हैं।
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