एनकोडर | प्रकार: एनकोडर का उपयोग गति और स्थिति मापने के लिए किया जाता है। जानिए इसके विभिन्न प्रकार जैसे ऑप्टिकल, मैग्नेटिक और रोटरी एनकोडर।
एनकोडर
एनकोडर एक इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरण है जिसे किसी सिस्टम की स्थिति, कोणीय गति, या रोटेशनल गति को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है। वे विशेष रूप से नियंत्रण प्रणाली और मापन उपकरणों में अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
प्रकार
एनकोडर को मुख्य रूप से दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
इनक्रिमेंटल एनकोडर
इनक्रिमेंटल एनकोडर किसी सिस्टम के परिवर्तनशील या गतिगत स्थिति को दर्शाते हैं। इनका मूल सिद्धांत यह है कि यह स्थिति को परिवर्तनशील डेटा के रूप में मापता है। इस प्रकार के एनकोडर में घुमाव के साथ-साथ प्रत्येक कोणीय परिवर्तन की दर भी मापी जा सकती है।
- इसे सरलतम प्रकार माना जाता है और यह आमतौर पर गति मापन में उपयोग होता है।
- कोई विशिष्ट संदर्भ बिंदु नहीं होता; केवल परिवर्तनशील स्थिति को मापा जाता है।
एब्सोल्यूट एनकोडर
एब्सोल्यूट एनकोडर किसी सिस्टम की सटीक स्थिति को दर्शाते हैं। यह एक रोटेशनल या रेखीय स्थिति का पूर्ण और विशिष्ट डेटा प्रदान करता है।
- प्रत्येक स्थिति का एक यूनिक कोड होता है, जो इसे उच्च सटीकता और स्थायित्व देता है।
- यह एनकोडर संदर्भ बिंदु के बिना भी सटीक स्थिति प्रदान करता है।
संरचना और कार्यप्रणाली
एनकोडर की संरचना और कार्यप्रणाली निम्नलिखित आधारों पर निर्भर करती है:
- ऑप्टिकल एनकोडर
- मैग्नेटिक एनकोडर
- कैपेसिटिव एनकोडर
ऑप्टिकल एनकोडर
यह एनकोडर प्रकार ऑप्टिकल डिवाइस का उपयोग करता है, जिसमें एक घुमावदार डिस्क होता है. डिस्क पर कुछ पैटर्न बने होते हैं, और जैसे ही डिस्क घूमती है, पैटर्न के अनुसार आउटपुट सिग्नल जनरेट होते हैं।
मैग्नेटिक एनकोडर
मैग्नेटिक एनकोडर एक मैग्नेटिक फील्ड का उपयोग करता है। इसमें एक घूर्णी तत्व और मैग्नेटिक सेंसर होता है। जैसे ही यह तत्व घूमता है, मैग्नेटिक सेंसर स्थिति s/t = (सेंस करता है और सिग्नल जनरेट करता है।
कैपेसिटिव एनकोडर
कैपेसिटिव एनकोडर की कार्यप्रणाली इलेक्ट्रिक कैपेसिटेंस के परिवर्तन पर आधारित होती है। जैसे-जैसे डिस्क या स्लाइडर का स्थान बदलता है, कैपेसिटेंस में परिवर्तन होता है, जिसे एनकोडर द्वारा मापा जाता है।
उपयोग
एनकोडर कई क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं; उनमें शामिल हैं:
अतः, एनकोडर इलेक्ट्रॉनिक्स और मापन के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण उपकरण हैं और उनकी सटीकता और विश्वसनीयता के कारण उनका व्यापक उपयोग होता है।
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