उपग्रह LNBs | घटक: जानिए कैसे LNBs कार्य करता है, इसके घटक कौन से हैं और यह उपग्रह सिग्नल रिसेप्शन में कैसे मददगार है.
उपग्रह LNBs के घटक
उपग्रह निम्न-शोर ब्लॉक कनवर्टर (LNB) आपके उपग्रह टीवी रिसीविंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह डिश एंटीना द्वारा प्राप्त कमजोर सिग्नल को कैप्चर करके उसे उपयोगी सिग्नल में बदलता है। आइए LNB के विभिन्न घटकों और उनके कार्यों को समझें।
मुख्य घटक
वेवगाइड इनपुट
वेवगाइड इनपुट वह स्थान होता है जहाँ माइक्रोवेव सिग्नल एंट्री करता है। इसे हॉन एंटीना से जोड़ा जाता है जो सिग्नल को निर्देशित करता है और फोकस करता है।
फ्रंट-एंड
फ्रंट-एंड हिस्सा सिग्नल को सबसे पहले प्रोसेस करता है। इस हिस्से में कम-शोर एम्पलीफायर (LNA) होता है जो माइक्रोवेव सिग्नल को सबसे पहले एम्पलीफाई करता है।
मिक्सर और लोकल ऑस्सिलेटर (LO)
मिक्सर सिग्नल को डाउन-कोनवर्ट करता है ताकि उसे अधिक सुविधाजनक फ्रिक्वेंसी पर प्रोसेस किया जा सके। मिक्सर में, सिग्नल को लोकल ऑस्सिलेटर (LO) के सिग्नल के साथ मिक्स किया जाता है।
आईएफ (Intermediate Frequency) एम्पलीफायर
अंतरिम फ्रिक्वेंसी (IF) एम्पलीफायर इस नए सिग्नल को और भी एम्पलीफाई करता है ताकि रिसीवर उसे आसानी से प्रोसेस कर सके। यह सिग्नल आमतौर पर 950 MHz से 2150 MHz के बीच होता है।
एफ सॉकेट आउटपुट
यह हिस्सा उन्हें सिग्नल को रिसीवर तक निर्देशित करता है। इसे F-connector के माध्यम से कोक्सियल केबल के साथ जोड़ा जाता है।
बिजली आपूर्ति
LNB को काम करने के लिए बाहरी बिजली की आवश्यकता होती है। यह बिजली सॅटॅलाइट रीसिवर से कोक्सियल केबल के माध्यम से प्रदान की जाती है।
सारांश
उपग्रह LNBs का कार्य काफी तकनीकी हो सकता है, लेकिन इसके मुख्य घटक जैसे कि वेवगाइड इनपुट, फ्रंट-एंड, मिक्सर और लोकल ऑस्सिलेटर (LO), आईएफ एम्पलीफायर, एफ सॉकेट आउटपुट और बिजली आपूर्ति इसे समझने में मदद करते हैं। इन सभी भागों का संयोजन उच्च गुणवत्ता वाले सॅटॅलाइट सिग्नल को प्राप्त करने में मदद करता है।
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