विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप के परीक्षण और मापन की विधियाँ: जानें कैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कार्यक्षमता को सुनिश्चित करने के लिए ईएमआई परीक्षण किए जाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में विद्युतचुंबकीय हस्तक्षेप के परीक्षण और मापन के लिए विधियाँ
विद्युचुंबकीय हस्तक्षेप (EMI) एक बड़ी चुनौती है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कार्यक्षमता में बाधा डाल सकती है। EMI का परीक्षण और मापन करना आवश्यक है ताकि उपकरण विभिन्न विद्युत् चुंबकीय स्रोतों से प्रभावित न हों। यहां हम कुछ प्रमुख विधियों पर चर्चा करेंगे, जिनसे EMI का परीक्षण और मापन किया जा सकता है।
EMI के प्रकार
- प्राकृतिक स्रोत जैसे बिजली की गड़गड़ाहट
- मानव निर्मित स्रोत जैसे मोटर्स, माइक्रोवेव ओवन, कंप्यूटर
EMI परीक्षण विधियाँ
EMI परीक्षण के लिए कई विधियाँ उपलब्ध हैं। इन विधियों का प्रयोग आमतौर पर प्रयोगशालाओं में किया जाता है, ताकि उपकरण बाजार में उपलब्ध होने से पहले ही सभी मानकों का पालन करें।
चालकता परीक्षण (Conducted Emissions Testing)
इस प्रकार के परीक्षण में उपकरणों द्वारा उत्पन्न विद्युत संकेतों को मापा जाता है जो बिजली के तारों के माध्यम से फैलते हैं। इसके लिए निम्नलिखित उपकरण प्रयोग किए जाते हैं:
- स्पेक्ट्रम एनालाइजर
- लाइन इम्पीडेंस स्थिरीकरण नेटवर्क (LISN)
प्रसारित उत्सर्जन परीक्षण (Radiated Emissions Testing)
इस परीक्षण का उद्देश्य उपकरण द्वारा उत्पन्न हुई रेडियो आवृत्ति के उत्सर्जन को मापना है। इस परीक्षण की प्रक्रिया में एंटीना और स्पेक्ट्रम एनालाइजर का उपयोग होता है।
EMI शासन परीक्षण (Immunity Testing)
यह परीक्षण यह जानने के लिए किया जाता है कि उपकरण बाहरी विद्युत चुंबकीय हस्तक्षेप के प्रति कितना संवेदनशील है। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख विधियाँ हैं:
- रैडियेटेड इम्यूनिटी (Radiated Immunity)
- कंडक्टेड इम्यूनिटी (Conducted Immunity)
- इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज (ESD) परीक्षण
सामान्य उपकरण
EMI परीक्षण के दौरान कुछ सामान्य उपकरणों का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है:
- स्पेक्ट्रम एनालाइजर
- नेटवर्क एनालाइजर
- एंटीना
- शील्डेड एंक्लोजर
- प्रभावी ग्राउंडिंग सिस्टम
कुल मिलाकर, EMI परीक्षण और मापन की विधियाँ यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि हमारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रभावी रूप से और बिना किसी विकार के कार्य कर सकें।
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