इंफ्रारेड सेंसर: इनकी कार्यप्रणाली, उपयोग, और विभिन्न उद्योगों में इनके महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के बारे में संपूर्ण जानकारी।
इंफ्रारेड सेंसर | उपयोग
इंफ्रारेड (IR) सेंसर, जो अवरक्त विकिरण (infrared radiation) का उपयोग करते हैं, आजकल विभिन्न उपकरणों और एप्लिकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सेंसर उन तरंगदैर्घ्य (wavelengths) का पता लगाते हैं जो मानव आँख देख नहीं सकती, आमतौर पर 700 नैनोमीटर (nm) से 1 मिलीमीटर (mm) तक।
इंफ्रारेड सेंसर के उपयोग
हमारे टीवी, एसी, और अन्य ऐल्क्ट्रोनिक उपकरणों के रिमोट कंट्रोल में IR सेंसर का उपयोग किया जाता है। इन रिमोट कंट्रोल्स में एक छोटा सा इंफ्रारेड LED होता है जो संकेत (signals) भेजता है, और उपकरण में लगे IR सेंसर उसे समझकर कार्य करता है।
IR सेंसर का उपयोग मोशन डिटेक्शन के लिए भी होता है। सुरक्षा उपकरणों, जैसे सीसीटीवी कैमरा या बर्गलर अलार्म में, IR सेंसर किसी भी वस्तु या व्यक्ति के गति को पहचानते हैं और अलार्म सक्रिय करते हैं।
कई स्मार्टफोन और अन्य मोबाइल उपकरणों में प्रॉक्सिमिटी सेंसर लगे होते हैं जो IR सेंसर का उपयोग करके हाथ या चेहरे की निकटता का पता लगाते हैं। यह स्क्रीन को स्वचालित रूप से लॉक या अनलॉक करने में मदद करते हैं और बैटरी की बचत करते हैं।
थर्मल इमेजिंग कैमरा और अन्य तापमान मापने के उपकरणों में भी IR सेंसर का उपयोग किया जाता है। ये सेंसर वस्तु या व्यक्ति से उत्सर्जित IR विकिरण को पकड़ते हैं और उसके आधार पर तापमान मापते हैं।
औद्योगिक स्वचालन में भी IR सेंसर का बहुतायत से उपयोग होता है। मशीनों में सामग्री की उपस्थिती या अनुपस्थिती का पता लगाने के लिए ये सेंसर मदद करते हैं।
इंफ्रारेड सेंसर का कार्य सिद्धांत
इंफ्रारेड सेंसर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
इनके कार्य के सिद्धांत को अधिक समझने के लिए, ऊर्जा के सिद्धांतों का ज्ञान होना ज़रूरी है:
– प्लैंक का नियम: किसी वस्तु का तापमान जितना अधिक होगा, वह उतनी ही अधिक IR विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित करेगी।
– स्टीफन-बोल्ट्जमान का नियम: किसी ब्लैक बॉडी से उत्सर्जित ऊर्जा उस वस्तु के तापमान के चौथे घात (T^4) के समानुपाती होती है।
IR सेंसर इन सिद्धांतों का उपयोग करके विभिन्न उपकरणों में कार्य करते हैं और आधुनिक जीवन को सरल बनाते हैं।
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